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कैंपिंग Camping Tour

  Camping Tour के दौरान कुछ कैंपिंग एसेसरीज के बारे में जो अगर हम इस्तेमाल करे तो निश्चित ही हमारी यात्रा को क्रिएटिव और रोमाचकारी बनाते हैं, जो निम्न हैं 👇 स्लीपिंग टेंट, स्लीपिंग बैग  और कुकिंग के लिए पोर्टेबल स्टोव, "स्लीपिंग टेंट" जब आप यात्रा पर हो तो कुछ जगह इतना सुकून और शानदार लोकेशन होती है की आप वन्ही रुक जाना चाहते हैं, और ऐसे में अगर इस जगह अपना घर मिल जाएं तो फिर और क्या चाहिए, ऐसे में काम आता है स्लीपिंग टेंट,मार्केट में बहुत तरीके के टेंट अवेलेबल है,जिसमें 2 पर्सन  3 पर्सन और फैमिली के लिए 6 से 8 पर्सन वाला टेंट भी आता है,जैसे मैं सोलो यात्रा करता हूं मेरे पास जो टेंट है वह 3 पर्सन वाला ब्लैक & वाइट मॉडल है है,जो मैंने Decathlon देहरादून से लिया था,और ये मुझे 5500 का पड़ा था,इसमें एक ऑप्शन और आता है  2 पर्सन वाला है same मॉडल 4500 का पड़ता हैं, 2 पर्सन वाला मैं इसलिए रिकमेंड नहीं करूंगा क्योंकि एक तो उसकी हाइट थोड़ी मुझे कम लगी,ओर जगह भी कम लगी, 3 पर्सन वाले मे आप आराम से 2 लोग लेट सकते हो ओर सामान भी रख सकते हो, इसमें दो लेयर होती है एक आप जैसे अ...

मायरा की गुफा मेवाड़ Rajsthan મેવાડ રાજસ્થાન

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  मेवाड़ी इतिहास को और उस से जुड़ी धरोहरों को जानने की जब बात आती है तो अधिकांशतः सभी के मन मे उदयपुर, चित्तौड़गढ़, कुम्भलगढ़ आदि प्रसिद्ध स्थानों का ही ख्याल आता है। लेकिन हकीकत में इन प्रसिद्ध स्थानों के अलावा भी यहां मेवाड़ी इतिहास से जुड़ी इतनी विरासतें हैं जिनमें से अधिकतर के बारे में स्थानीय लोगों को भी जानकारी नही होती है। ऐसा ही एक स्थान है मायरा की गुफा... मायरा की गुफा वह स्थान है जहां महाराणा प्रताप ने मुगलों के साथ युद्ध के बाद अपना जीवन गुज़ारा था।  महाराणा प्रताप ने मेवाड़ की आज़ादी तक जंगलों में रहने की प्रतिज्ञा के बाद मेवाड़ में अनेकों स्थानों पर अपना ठिकाना बनाया था। उन्हीं स्थानों में से अपने शेष जीवन का अधिकांश समय यहीं व्यतीत किया था। यहीं पर महाराणा ने घास की रोटियां खाई थी और यहीं पर गुफा के एक हिस्से को अपना शस्त्रागार बनाया था। यह गुफा उदयपुर से तकरीबन 42 किमी दूर गोगुन्दा से 8 किमी दूर हल्दीघाटी(लोसिंग) मार्ग पर ढुलावतों का गुड़ा के पास अरावली की खूबसूरत पहाडियो में स्थित है। यहां जाने के लिए लगभग 4 किमी तक पैदल चलना पड़ता है। यह गुफा एकदम छद्म परिवेश में स्थित है...

आदि कैलाश ॐ पर्वत यात्रा 2024

  आदि कैलाश और ॐ पर्वत उत्तराखण्ड के पिथोरागढ़ जिले में भारत नेपाल और तिब्बत बॉर्डर पर स्थित है. आदि कैलाश छोटा कैलाश नाम से भी जाना जाता है, यह पंच कैलाश में से एक है. दोनो ही पर्वतो का हिंदू धर्म में काफी महत्व है. इस यात्रा को करने के लिए हर साल भारत के अलग अलग जगहों से बहुत सारे श्रद्धालु आते है. कुल समय: हल्द्वानी/ काठगोदाम से 8 दिन 7 रात. कार्यक्रम की तारीख:  यात्रा प्रेमी ग्रुप के सदस्यों के लिए इस वर्ष मई जून और सितंबर अक्टूबर के महीने में कुल 4 ग्रुप कराएंगे, हर ग्रुप में अधिकतम 22 सदस्य आ पाएंगे,आप अपनी सहूलियत के हिसाब से किसी भी ग्रुप में आ सकते है. पहला ग्रुप  20 मई से 27 मई. दूसरा ग्रुप 10 जून से 17 जून. तीसरा ग्रुप 25 सितम्बर से 2 अक्टूबर. चौथा ग्रुप 7 अक्टूबर से 14 अक्टूबर. पिक अप प्वाइंट: हल्द्वानी/काठगोदाम  ड्रॉप प्वाइंट: हल्द्वानी/काठगोदाम सफर का साधन: 4 दिन टेम्पो ट्रैवलर, और 4 दिन बोलेरो कैंपर 4*4, इसुजु, और स्कॉर्पियो. पूरी यात्रा में घूमने के डेस्टीनेशन और देखने लायक जगहें:  भीमताल, कैंची धाम, चितई गोलू देवता मंदिर, जागेश्वर धाम, भारत-नेपा...

રાજગીર બિહાર કાંચનો પુલ , નાલંદા

  जिस वक्त खड़ा था मैं, ग्लास ब्रिज (राजगीर) पे उस वक्त मैं एक अलग अनुभव से गुजर रहा था, एक सुंदर बेहतर एहसास था मेरे लिए। क्या है इसकी खासियत - 200 फीट ऊंचा, 85 फीट लंबा और 6 फीट चौड़ा है यह ग्लास ब्रिज। - एक बार में 40 पर्यटक जा सकते हैं। - चीन के हांगझोऊ प्रोविंस की तर्ज पर बना है। - देश का दूसरा और पूर्वोतर भारत का पहला ग्लास ब्रिज है। - गौतम बुद्ध की विरासत वाली राजगीर नगरी में स्थित है। - राजगीर अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थली है। - ग्लास ब्रिज के साथ आप नेचर सफारी, रोप-वे साइकलिंग भी कर सकते हैं। राजगीर में मुझे यह अच्छा लगा कि यहां सब कुछ सस्ता है सारे एक्टिविटी करने के बावजूद भी बहुत कम पैसे खर्च होते हैं। कुछ टूरिस्ट प्लेस पर तो लूट मची हुई है, गुंडागर्दी भी देखने को मिलता, लेकिन यहां ऐसा कुछ नहीं है राजगीर में। राजगीर घूमने का सबसे बेस्ट टाइम है, नवंबर से अप्रैल के बीच।  राजगीर के और बेहतर जानकारी के लिए कृपया यूट्यूब पर सर्च करें हजारों वीडियो उपलब्ध हैं इसके लिए। शांति स्तूप.जरासंध का अखाड़ा ..रोपवे सबसे पुराना एक सीट वाला जो देवानंद k फिल्म में है..और सबसे महत्वपूर्ण ...

જબલપુર અમરકંટક નર્મદા

   दिनांक 14 /12 /2023 को हम नर्मदा एक्सप्रेस से रात 11:00 बजे जबलपुर पहुंचे चुकी रात अधिक हो गई थी अतः हमने अपने होटल पहुंचने के लिए एक ऑटो बुक किया जो ₹200 में हमें हमारे होटल सत्यम रेजिडेंसी प्रेम नगर पोस्ट ऑफिस के पास तक ले गईl होटल बहुत खूबसूरत था और आसपास बहुत शांति थी होटल वाले से हमने बारगेनिंग करके तीन दिन के लिए₹2500 में डबल बेड नान इसी रूम बुक किया वहां पहुंचने से पहले हमने फोन करके पूछ लिया था होटल वाले द्वारा रूम खाली होने की जानकारी दी गई थी (होटल का नंबर 0761 470 1100) दिनांक 15 /12/2023 से हमने अपनी ट्रिप चालू की हम सुबह 9:00 बजे प्रेमनगर पोस्ट ऑफिस बस स्टॉप तक लगभग डेढ़ सौ मीटर पैदल गए वहां से हमें भेड़ाघाट के लिए मेट्रो बस मिल गई जिसने हमें₹35 प्रति यात्री के हिसाब से भेड़ाघाट धुआंधार जलप्रपात के पास पहुंचा दिया, धुआंधार जलप्रपात में हमने लगभग 3 घंटा बिताया, वहां से ऊपर जाकर रोपवे पॉइंट पर जाकर प्रति व्यक्ति 145 रूपए के दर से रोपवे का टिकट लिया तथा धुआंधार जलप्रपात के दूसरी ओर जाकर लगभग दो घंटा बिताया वापस आकर हमने पंचवटी नौका विहार के लिए ऑटो लिया जिसने हमें...

अंडमान पोर्ट ब्लेयर Tour અંદામાન નિકોબાર ટુર

 अंडमान की ट्रिप नॉर्थ इंडिया से स्टार्ट करने पर बजट ट्रैवलर के लिए थोड़ा महंगी पड़ती है । इसको कुछ सस्ता करने का जुगाड़ आप लोगों को बताता हूँ । अंडमान जाने के लिए आपको या तो हवाई जहाज से जाना होगा या फिर पानी वाले जहाज से । पानी वाला जहाज लेने के लिए भी आपको कलकत्ता या फिर साउथ इंडिया के किसी समुद्री पोर्ट से पानी वाला जहाज लेना पड़ेगा। उसमे भी सुना है 2 या ढाई दिन लगते हैं । तो पानी वाले जहाज से जाना काफी बोरिंग काम है । ऊपर से रास्ते मे नेटवर्क भी नहीं होता तो फोन चला कर टाइम पास भी नहीं हो सकेगा। इसलिए हवाई जहाज ही बेस्ट है । दिल्ली से कितना भी जुगाड़ लगाओ पोर्ट ब्लेयर लैंड करने की ही फ्लाइट ही एक तरफ से 11-12 हजार की पड़ जाती है, किसी क्रेडिट कार्ड के डिस्काउंट से ये 10 हजार मे भी जुगाड़ हो सकती है लेकिन आना जाना यदि 20 का भी हुआ तो भी बजट ट्रैवलर के लिए महंगा ही है । इसका तोड़ है आप कलकत्ता तक ट्रेन की स्लीपर क्लास मे ट्रैवल कर लीजिये। वहाँ से पोर्ट ब्लेयर की हवाई जवाज की टिकट 5-6 हजार की रेंज मे आ सकती है । और ट्रेन की स्लीपर क्लास कोलकाता तक 700-800 तक की पड़ जानी चाहिए। तो हवाई टिक...

AAdi Yogi ईशा योग केन्द्र આદિ યોગી

  हम दोनों 4-5 दिन ईशा योग केन्द्र में रहने के बाद 4 फ़रवरी को मुन्नार आ गये। कल 6 फ़रवरी को मदुरै जायेंगे। ईशा केन्द्र के बारे में कुछ जानकारी साझा करना चाहता हूं शायद किसी के काम आ जाए।  जो घुम्मकड़ कुछ दिन शान्त और सादा जीवन जीना चाहते हैं उनके लिए यह उपयुक्त स्थान कोयम्बतूर से 30 किलोमीटर है। यहां रहने के लिए आनलाइन बुकिंग होती है। प्रतिदिन 990रु या अधिक के हिसाब से बहुत सुंदर बड़ा रुम मिल जाता है। सुबह शाम 2 बार संतुलित और पौष्टिक भोजन मिलता है। आप यदि चाहें तो केन्द्र में ही बहुत अच्छी कैंटीन भी है। केन्द्र के बाहर भी कुछ बहुत अच्छे भोजनालय है।  आप चाहें तो 2100रू या   अधिक की सहयोग राशि भी केन्द्र में जमा करा सकते हैं। यात्री 7 दिन से अधिक के लिए रुम नहीं ले सकते। जो लोग आध्यात्मिक या यौगिक विकास और अध्यन चाहते हैं उनके लिए लम्बे प्रवास अन्य सुविधाओं और नियमों के साथ सम्भव है।  ईशा योग केन्द्र 3-4 किलोमीटर में फैला हुआ है। अन्दर आने जाने घूमने के लिए फ्री बस बैटरी ट्राली या बैलगाड़ी का इंतजाम है। करीब 500 पीले रंग की साइकल हैं जो आप कहीं से उठाकर कही...