Nepal

 नेपाल जाने से पहले ये बातें जरूर पढ़कर जाये -


1. नेपाल में एंट्री के लिए पासपोर्ट या वोटर आई डी की जरुरत होती हैं। अगर फ्लाइट से जा रहे हैं और आपके पास पासपोर्ट नहीं हैं तो एक बार आप एयरलाइन  के कस्टमर केयर पर कॉल करके जरूर कन्फर्म कीजियेगा क्योंकि कुछ एयरलाइन्स के नियम कुछ अलग हो सकते हैं। अगर सड़क मार्ग से नेपाल में प्रवेश ले रहे हैं तो कोई दिक्क्त नहीं। ध्यान रहे ,आधार कार्ड के भरोसे नेपाल में प्रवेश लेने मत चल जाना ,केवल पासपोर्ट या वोटर आई डी।  यही नियम भूटान में प्रवेश करने पर भी लागू होते हैं।


2. नेपाल में खतरनाक ट्रेक्स वाली जगहों से लेकर एडवेंचर्स ,रोमांटिक ,ऐतिहासिक ,धार्मिक हर तरह की जगहें हैं। घूमने की दृष्टि से नेपाल को छोटा देश मत समझना ,काफी  सारे ट्रेवल प्लेसेस हैं वहां।


3. दिल्ली से काठमांडू की एक तरफा फ्लाइट सामान्यत: पांच से आठ हज़ार की मिल जाती हैं ,वापस  काठमांडू से दिल्ली की भी इसी रेट में मिल जाती हैं। होटल्स और खाना में भी ज्यादा खर्चा नहीं आता। धर्मशाला ,लग्जरी होटल्स ,हॉस्टल ,महंगे रेस्टोरेंट्स ,सही रेट्स वाले  इंडियन रेस्टोरेंट्स , भोजनालय सब यहाँ बने हैं ,आप पर हैं कि आप किस तरह की सुविधाओं में ट्रेवल करते हैं।


4. टैक्सी बुकिंग के लिए pathao app इस्तेमाल करे।


5. डोमेस्टिक फ्लाइट्स में आप बिना एक्स्ट्रा पैसे दिए उड़ान का दिन और समय बदल सकते हैं। आप जब एयरपोर्ट पहुंचे तभी की फ्लाइट भी ले सकते हैं ,अगर आपके पास उस जगह का टिकट हैं तो। मैंने इस पर डिटेल में लिखा हुआ हैं।


6. वेज इंडियन फ़ूड के लिए खूब मारवाडी रेस्टोरेंट्स और भोजनालय हैं। बीकानेरवाला के आउटलेट्स भी हैं। काठमांडू में पशुपति भवन में एकदम सात्विक भोजन मिलता हैं काफी वेरायटीज में।


7. आपको दुनिया के सबसे खतरनाक एयरपोर्ट्स की लिस्ट में शामिल हवाई अड्डों से अगर उड़ान भरनी हैं या वहां लेंड करना हैं तो नेपाल सबसे नजदीकी और बेस्ट देश हैं। काठमांडू से लुकला का सफर कर लीजिये ,मात्र 3000 रूपये में।


8. भाषा की चिंता ना करे ,वहां हिंदी चलती नहीं दौड़ती हैं।


9. इंडियन करेंसी भी हर जगह चलती हैं ,सभी एक्टिव नोट चलते हैं। कुछ सुदूर एरिया में कही नेपाली मुद्रा की जरुरत पड़ सकती हैं तो थोड़ी बहुत नेपाली राशि हमेशा साथ रखे।


10. दुनिया के 14 में से 8 आठ-हज़ारी पहाड़ अकेले नेपाल में ही स्थित हैं ,दुनिया का सबसे ऊँचा पहाड़ भी।


11. इंडियंस के  बीच में प्रसिद्ध नेपाली पर्यटन स्थल : काठमांडू ,पोखरा ,नामचे बाजार  ,जनकपुर ,मुक्तिनाथ , मुस्टांग , लुम्बिनी।


12 . काठमांडू में पशुपति नाथ हैं तो पोखरा को नेपाल का मनाली बोल सकते हैं। जनकपुर ,माँ सीता जी का जन्मस्थान हैं तो वही लुम्बिनी बुद्ध का जन्मस्थान हैं। नामचे बाजार  जाकर आप एवेरेस्ट के दर्शन कर सकते हैं। मुक्तिनाथ धाम में दुनिया का सबसे ऊँचा विष्णु मंदिर हैं।


13 . नाइटलाइफ़ के लिए काठमांडू का थामेल एरिया हैं जिसे नेपाल का मिनी पटाया बोलते हैं। #traveltalesbyrishabh 


14. बेसिक रूप से आपको 3 दिन काठमांडू ,3  दिन पोखरा , 2 दिन मुक्तिनाथ धाम ,एक दिन जनकपुर और एक दिन लुम्बिनी के लिए चाहिए। नामचे बाजार तक जाकर वापस आने के लिए आपको 4 से 5 दिन चाहिए (काठमांडू to काठमांडू ,पैदल ट्रेक )


आप अपने अनुभव से आगे पॉइंट्स जोड़ सकते हैं निचे कमैंट्स में।


-ऋषभ भरावा                       


March 2026



काठमांडू जा रहे है तो इन जगहों पर जरूर जाए


काठमांडू शहर नेपाल की राजधानी हैं।अगर आप सोचते हैं कि काठमांडू सिर्फ पशुपतिनाथ मंदिर तक सीमित है, तो यकीन मानिए इस शहर में देखने और महसूस करने के लिए उससे कहीं ज्यादा है..यहाँ  की सबसे खास बात यह है कि यहाँ ancient और modern दोनों दुनिया एक साथ चलती हैं... एक तरफ हजारों साल पुराने मंदिर हैं, दूसरी तरफ ट्रैवेलर्स से भरी रंग बिरंगी गलियां। आज बात करते हैं कि काठमांडू में घूमने की क्या क्या जगहें हैं -


1 पशुपतिनाथ मंदिर : अधिकतर भारतीय काठमांडू केवल पशुपतिनाथ जी के दर्शन करने को आते है।   पशुपतिनाथ मंदिर एयरपोर्ट के पास में ही पड़ता हैं। यहाँ गैर-हिन्दू को प्रवेश नहीं हैं।यह मंदिर एक विशाल परिसर में बना हुआ हैं जिसमें करीब 500 से ज्यादा छोटे बड़े मंदिर हैं। पूरा परिसर वर्ल्ड हेरिटेज साइट की लिस्ट में शामिल हैं। मंदिर परिसर में से ही बागमती नदी निकलती हैं और उसी के किनारे ,मुख्य मंदिर के पास शमशान भी बना हुआ हैं। मंदिर के बारे में 11 काम के पॉइंट्स आप मेरे पिछले आर्टिकल में पढ़ सकते है।


2. गुह्येश्वरी शक्तिपीठ: माता सती के 51 शक्तिपीठ भारत ,बांग्लादेश ,पाकिस्तान और नेपाल में बने हुए हैं। नेपाल में एक शक्तिपीठ ,पशुपतिनाथ मंदिर से मात्र एक डेढ़ किमी दूर ही स्थित हैं। इसमें भी गैर-हिन्दू का प्रवेश वर्जित हैं। इस जगह पर माता सती का गुदा और मलाशय गिरा था। काठमांडू गए हुए अधिकतर लोग इस जगह जाते ही नहीं ,जानकारी के अभाव में।


3. मंकी मंदिर/स्वयंभू मंदिर : यह जगह टूरिस्ट एरिया थामेल से करीब 5 किमी की दूरी पर एक पहाड़ी के ऊपर बना हुआ एक विशाल बुद्धिस्ट स्तूप हैं। यहाँ पहुंचने के लिए आपको करीब 300 से 400 सीढियाँ पैदल चढ़नी पड़ेगी। रास्ते में खूब सारे बंदर आपको मिलते हैं ,इसलिए इसे फिरंगी लोग मंकी टेम्पल बोलते हैं।एक मंकी टेम्पल राजस्थान में भी है जिसके बारे में भी आप मेरी प्रोफाइल में पढ़ सकते हैं कुछ दिन पहले ही लिखा था। जब आप पैदल चढ़कर टॉप पर पहुंचते हैं तो आपको पूरी काठमांडू घाटी का शानदार दृश्य नजर आता हैं। ऊपर कई सारे हिन्दू और बुद्धिस्ट मंदिर मिलते हैं।


4. डोलेश्वर महादेव : केदारनाथ में शंकर भगवान की पीठ की पूजा की जाती हैं और उनके सिर की पूजा काठमांडू के डोलेश्वर महादेव में होती हैं। रिसेंटली ,कुछ पुजारियों ने इसे छठा केदार माना हैं। यह एकदम ऑफबीट जगह हैं ,जहाँ काफी कम भीड़ पहुंच पाती हैं। हालाँकि यह जगह काठमांडू से ज्यादा दूर नहीं हैं। पशुपतिनाथ मंदिर से करीब 17-18 किमी दूर ही हैं।


5. सांगा  शिव मूर्ति : यह जगह डोलेश्वर महादेव के पास में ही पड़ती हैं। यहाँ नेपाल की सबसे ऊँची शिव मूर्ति है... लाल रंग की यह मूर्ति 143 फ़ीट ऊँची हैं। यहाँ एक छोटा सा शिव मंदिर भी हैं ..इसे कैलाशनाथ महादेव भी कहा जाता हैं। यहाँ से कई हिमालयन चोटियां नजर आती हैं। इसका कुछ एंट्री टिकट भी लगता हैं।


6. भक्तपुर दरबार स्क्वायर : दरबार स्कवायर उस जगह को बोलते हैं जहाँ से काठमांडू वेली के राजा अपना शासन चलाते थे ,जहाँ शाही समारोह होते थे ,महा; होते थे ,इष्ट  के शाही मंदिर होते थे। इन्हे अपने आप में बहुत छोटे से गाँव मान लो जहाँ आपको नेपाल की असली फीलिंग आएगी। ऐसे तीन दरबार स्क्वायर हैं नेपाल में।उनमें से मेरा सबसे फेवरेट भक्तपुर स्क्वायर ही हैं। जब हम डोलेश्वर और सांगा शिव जाते हैं तो उसी के पास में भक्तपुर जिले में यह स्क्वायर पड़ता हैं। इसे पूरा घूमने में 3 से 4 घंटे मिनिमम चाहिए। यहाँ पुराने मंदिर ,महल ,म्यूजियम ,थीम बेस्ड कैफ़े सब कुछ मिलता हैं। यहाँ नेपाल  का सबसे ऊँचा pagoda temple ,पॉटरी स्ट्रीट ,55 विंडो महल ,दत्तात्रेय मंदिर दर्शनीय हैं। यहाँ दही की लस्सी काफी  फेमस हैं।


7. काठमांडू दरबार स्क्वायर: यह दरबार स्क्वायर काठमांडू शहर में ही हैं ,टूरिस्ट एरिया थामेल से ज्यादा नहीं हैं।यहाँ काल भैरव की विशाल मूर्ति,तलेजू मंदिर,काष्ठमंडप प्रसिद्ध हैं। इसी के पास का बाजार शॉपिंग के लिए काफी अच्छा हैं।


8. पाटन दरबार स्क्वायर : यह ललितपुर में पड़ता हैं जो  पशुपतिनाथ जी से करीब 7 किमी दूर हैं। यहाँ कृष्ण मंदिर ,गोल्डन टेम्पल ,पाटन म्यूजियम जैसी जगहें दर्शनीय हैं। बाकी खूबसूरत प्राचीन गलियां ,थीम कैफ़े ,रूफटॉप कैफ़े तो सभी दरबार स्क्वायर में हैं ही।


9. थामेल : यह टूरिस्ट एरिया हैं जहाँ कुछ रंग बिरंगी गलियां हैं। यहाँ आपको क्लब ,कैफ़े ,बार ,स्पा सेंटर जैसी चीजें मिलेगी। इधर ही ट्रैकिंग के सामान खरीदने की ,हिप्पी स्टाइल कपड़ो की ,चाय पत्ती की काफी दुकानें हैं। ध्यान रहे ,इधर मोलभाव जम कर करे।आजकल ये गलियां शाम को 7 बजे ही बंद हो रही हैं तो पहले सब पता करके ही जाये। इस एरिया को छोटा पटाया (थाईलैंड ) मान सकते हैं।


10. बौद्धनाथ स्तूप : काठमांडू शहर की गलियों के बीचोबीच बना हुआ हैं एक खूबसूरत विशाल स्तूप। जिसके आसपास की एक ही रंग की गलियां भी आपको नेपाल के प्राचीन कल्चर का फील देगी। 36 मीटर ऊँचा यह स्तूप वर्ल्ड हेरिटेज साइट की लिस्ट में शामिल हैं। यहाँ आपको बौद्ध धर्म की झलख देखने को मिलेगी ,मतलब कि रंग बिरंगे झंडे ,प्रेयर व्हील्स ,मेडिटेशन में लीन भिक्षु ,मोनस्ट्रीज आदि मिलेंगे। इस एरिया को छोटा तिब्बत कहा जाता हैं। #traveltalesbyrishabh                        


11. चंद्रगिरि हिल्स : यह जगह एक 2551 मीटर ऊँची पहाड़ी हैं जिसे वहां का लोकल हिल स्टेशन माना जाता हैं। यह जगह सबसे ज्यादा अपनी cable car ride और Himalayan views के लिए फेमस है। ऊपर भगवान शिव को समर्पित एक मंदिर हैं। यहाँ से आप एवेरेस्ट और अन्नपूर्णा जैसी चोटियां देख सकते हैं। यहाँ के लिए सुबह जल्दी जाना सबसे उचित है।


12. बुढ़ानिलकंठ मंदिर (Sleeping Vishnu Temple) :यहाँ भगवान विष्णु की 5 मीटर लम्बी सोई हुई अवस्था की प्रतिमा बनी हुई हैं। मतलब भगवान विष्णु यहाँ शेषनाग पर लेटी हुई मुद्रा में दिखाई देते हैं। वहां इसे जलनारायण मंदिर या शयन विष्णु मंदिर के नाम से भी जाना जाता हैं।


ये सब चीजें  आपके कम से कम 3 दिन लेगी ,अगर आप आराम से घूमते हैं तो। ध्यान रहे ,जहाँ भी टिकट खरीदना होगा वहां नेपाली मुद्रा ही ली जायेगी।  

इन सब जगहों के अलावा यहाँ दक्षिण काली मंदिर हैं जो शहर से 20–22 किमी दूर है।एक जगह "कोपन मठ" नाम की भी हैं जो कि शहर से बाहर थोड़ा दूर बना हुआ एक खूबसूरत बौद्ध मठ हैं।काठमांडू से 30-35 किमी दूर नगरकोट नाम की जगह हैं ,यह जगह  Himalayan sunrise views के लिए फेमस है।अन्य जगहों में कुछ म्यूजियम और गार्डन्स भी हैं ,अगर आपके पास काफी समय हैं तो आप वहां पर भी जा सकते हैं।


ध्यान रहे ,


-Bagmati नदी पर आरती देखना

-मंदिर के पास शमशान घाट के पास बैठना

-थामेल की nightlife experience करना

-काठमांडू दरबार स्कवायर में बबल टी पीना

-Rooftop cafés से दरबार स्कवायर देखना

- नेशनल फ़ूड दाल भात खाना

-हेलीकाप्टर से एवरेस्ट का चक्कर लगा आना

-मोनेस्ट्री में Prayer wheels घुमाना

-Street photography करना

- भक्तपुर में लस्सी पीना


ये सभी काठमांडू के शानदार और must do एक्सपीरियंस हैं।


आर्टिकल अच्छा लगा हो तो शेयर जरूर करे। अन्य देशों और भारत की कई जगहों पर ऐसे ही आर्टकिल पढ़ने /देखने के लिए यहाँ और इंस्टा पर फॉलो करना ना भूले।  


-ऋषभ  भरावा   


March 2026


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Pokhara To-Do List:  पोखरा में क्या देखें, क्या करें?


नेपाल में अगर कोई शहर peace + adventure + beauty का perfect combo है, तो वो Pokhara है...आपको एडवेंचर चाहिए, सुकून चाहिए या पहाड़ चाहिए ,जो आपको चाहिए सब यहाँ मिलेगा। पोखरा को मैं नेपाल का मनाली मानता हूँ। काठमांडू से पोखरा आप सड़क मार्ग से भी जा सकते हैं और हवाई मार्ग से भी। सड़क मार्ग से पोखरा पहुंचने में करीब 8 से 10 घंटे लगते है ,लेकिन बीच में पोखरा के एक चमत्कारी मंदिर मनकामना मंदिर के दर्शन इसी रोडट्रिप के दौरान हो जाते हैं। अगर आप फ्लाइट से जाते हैं तो मात्र 25 मिनट की उड़ान होती हैं काठमांडू से पोखरा की। काठमांडू से पोखरा पहुंचने का खर्चा 1000 रूपये से 4000 रूपये के बीच आ जाता हैं। ध्यान रहे ,दोनों शहरों में रेलवे स्टेशन नहीं हैं।


"पोखरा जाए तो कहा कहा घूमे ?" अब इसपर बात करते हैं -


1. फीवा/फेवा झील : पोखरा का दिल हैं यह जगह। पोखरा में रुकने की सबसे बेस्ट जगह भी लेकसाइड ही हैं। इधर हर बजट में होटल्स मिलती हैं ,मारवाड़ी भोजनालय मिलते हैं, शॉपिंग मार्केट मिलता हैं। शाम को आप पैदल पैदल झील के किनारे घूमने जाए। बनारस की तर्ज पर यहाँ भी आरती होती हैं ,उसे मिस बिलकुल ना करे।


2. ताल वाराही मंदिर : यह मंदिर दुर्गा माता के एक वाराह अवतार को समर्पित हैं। यह झील फीवा झील के बीच में एक टापू पर बना हुआ हैं ,जिसके लिए आपको बोटिंग करके ही जाना होता हैं। मंदिर नेपाली पेगोडा स्टाइल में बना हुआ हैं।


3. pumdikot शिव मूर्ति : पोखरा की सबसे ऊँची और नेपाल की दूसरी सबसे ऊँची शिव मूर्ति हैं यह। झील से यहाँ पहुंचने में  करीब आधा घंटा लगता हैं। यह मूर्ति एक पहाड़ी के ऊपर बनी हुई हैं। मूर्ति 108 फ़ीट ऊँची हैं ,वहां 108 सीढियाँ चढ़नी पड़ती हैं और 108 शिवलिंग के दर्शन भी वहां होते हैं। शिव मूर्ति के लिए किसी प्रकार का कोई टिकट नहीं लेना होता हैं।


4. शांति स्तूप : यह एक बौद्धिष्ट पेगोडा हैं जिसे शांति स्तूप भी बोलते हैं। जब आप pumdikot शिव मूर्ति से वापसी करते हैं और पहाड़ी से निचे उतरते हैं तो एक रास्ता  स्तूप का भी मिलता हैं ,जहाँ तक पहुंचने के लिए काफी सीढियाँ चढ़नी पड़ती हैं। शांति स्तूप में फोटोग्राफी वीडियोग्राफी अलाउड नहीं है। इसे Japanese Buddhist monks ने लोकल लोगों के साथ मिलकर बनवाया था।यह 115 फ़ीट ऊँचा सफ़ेद रंग का स्तूप हैं तो फीवा लेक से  भी नजर आता हैं।आप फेवा झील से बोटिंग करके फिर वहां से पहाड़ी चढ़कर दूसरे रास्ते से भी इस तक पहुंच सकते हैं।


5.सारंगकोट : सारनागकोट पहाड़ी एडवेंचर लवर्स के बीच फेमस हैं क्योंकि यहाँ से पैराग्लाइडिंग जैसी एक्टिविटीज होती हैं। पहाड़ी के ऊपर एक विशाल पंचमुखी गणेश जी की मूर्ति और कैलाशेश्वर महादेव का मंदिर बना हुआ हैं। इस मूर्ति पर मेरा लेटेस्ट लिखा हुआ आर्टिकल आप मेरी वाल पर जाकर पढ़ सकते हैं। सारंगकोट तक जाने के लिए आप या तो टैक्सी कर लीजिये और या फिर लेकसाइड से केबल कार के माध्यम से पहुंच जाइये।


6. गुप्तेश्वर महादेव :सारंगकोट पहाड़ी से आप जैसे ही निचे उतरेंगे ,गुप्तेश्वर महादेव का बोर्ड नजर आएगा। यह मंदिर जमीन के अंदर हैं जिसमें एक गुफा के माध्यम से उतरना होता हैं। गुफा में कई सीढियाँ हैं जिनपर हमेशा पानी टपकता रहता हैं। पानी टपकने ,अँधेरे और खड़ी सीढ़ियों के कारण यह जगह थोड़ी चैलेंजिंग हैं। गुफा  में निचे एक शिवलिंग हैं  और अगर आप आगे ज्यादा निचे जाएंगे तो गुफा के अंदर एक झरना भी दिखाई देगा। यह मंदिर बाहर से ऑरेंज कलर का बना हुआ हैं और सर्पिलाकार सीढियाँ होने की वजह से काफी खूबसूरत नजर आता हैं।


7. डेविस फॉल: वह जो झरना अंदर था वो डेविस फॉल से होकर आता हैं। डेविस फॉल का प्रवेश द्वार , गुप्तेश्वर मंदिर से थोड़ा आगे ही मिलता हैं। गुप्तेश्वर मंदिर और डेविस फॉल दोनों के टिकट्स भी खरीदने होते हैं जो बहुत ही कम अमाउंट के होते हैं। यह झरना बारिश के समय ही देखने में अच्छा लगता हैं।


8. बिन्ध्यवासिनी मंदिर: यह मंदिर पोखरा के ओल्ड बाज़ार में एक पहाड़ी पर स्थित है। लेकसाइड से यहाँ पहुंचने में लगभग 10–15 मिनट लगते हैं। यहाँ से पूरे शहर और हिमालय का शानदार व्यू दिखता है। लोकल द्वारा यहाँ शादी, पूजा और विशेष अनुष्ठान काफी होते रहते हैं।मान्यता है कि यहाँ देवी की मूर्ति भारत के विंध्याचल क्षेत्र से लाई गई थी, इसलिए इसका नाम “बिन्ध्याबासिनी” पड़ा।

 

9. महेंद्र गुफा : यहाँ चूना-पत्थर से बनी प्राकृतिक गुफा, जिसके अंदर वर्षों में बने rock formations देखने को मिलते हैं। यहाँ भी पैदल जमीन के अंदर बनी गुफा में काफी अंदर तक उतरना पड़ता हैं। अंदर जगह जगह अलग अलग देवी देवताओं को स्थापित किया हुआ हैं। यहाँ भी गुफा में पानी टपकता रहता हैं।


10. बैट केव/ चमगादड़ गुफा /चमेरो गुफा: यह गुफा महेंद्र गुफा के पास ही बनी हुई हैं। बस यहाँ अंदर कोई देवी देवता या मंदिर नहीं हैं। बल्कि यहाँ मिलेंगे लाखो चमगादड़। पूरी अँधेरी इस गुफा में आपको एक टोर्च और एक गाइड के साथ जाना होता हैं। इसका एग्जिट जो हैं वो काफी चैलेंजिंग हैं जिसमें आपको अँधेरी गुफा में एक जुगाड़ से ऊपर चढ़ना पड़ेगा और एक छोटी सी ओपनिंग से लटक कर आपको बाहर निकलना होगा। इसमें से आप तब एग्जिट हो सकते हैं जब आप काफी फिट और पतले हो।


11. सेती नदी गॉर्ज : सेती नदी पोखरा में बहती हैं और इसका पानी एकदम दूधिया रंग का हैं। इसका कारण चुना पत्थर हैं। इस सफ़ेद नदी को और इसके कारण बने गार्ज को देखने के लिए कुछ जगहें निर्धारित हैं। इस नदी को देखकर आप वाकई में शॉक्ड रह जायेंगे।


12. सस्पेंशन ब्रिज : ये दो घाटियों को जोड़ने वाले काफी लम्बे लम्बे ब्रिज होते हैं। जिनपर चलना अपने आप में रोमांचक होता हैं क्योंकि तेज हवा चलने पर यह जोरदार हिलता हैं जिससे इस पर चलने वाले लोगों को लगता है कि कही ब्रिज टूट न जाए। ये अधिकतर एवेरेस्ट वाले इलाके में मिलते हैं।  #traveltalesbyrishabh 


   

  इन सब के अलावा भी यहाँ कुछ अन्य झीलें भी बनी हुई हैं जहाँ भीड़ काफी कम आती हैं। एक म्यूजियम भी हैं माउंटेन म्यूजियम ,समय होने पर उसे भी देखना चाहिए। कुल मिलाकर ये अनुभव यहाँ मिस नहीं करने हैं -


- फीवा झील पर बनारस वाली आरती

- फीवा झील पर छोटी सी एक आदमी वाली बोट को चलाना

- बेट गुफा में अकेले बिना गाइड कर जाना और रास्ता ढूंढ कर निकल आना

- पहाड़ी पर बनी दोनों विशाल मूर्तियों को नजदीक से देखना

- पैराग्लाइडिंग , अल्ट्रा लाइट फ्लाइंग,जिपलाइन और बंजी जम्पिंग करना।

-  अँधेरी गुफा में उतरकर ऊंचाई से गिरता हुआ झरना देखना।


अगली पोस्ट में एवेरस्ट बेस केम्प ट्रेक पर लिखता हूँ। पोस्ट अच्छी लगे तो शेयर जरूर करियेगा और ऐसी ही जानकारियों के लिए फॉलो जरूर कीजियेगा।


-ऋषभ भरावा  


March 2026


#nepal #pokhara #nepalireels #travel


सारंगकोट के पंचमुखी गणेश जी :


कुछ महीनों पहले सोशल मीडिया पर एक शानदार रील मेरे सामने आई। मैंने उसमे देखा एक गोल्डन रंग की विशाल सी गणेश जी मूर्ति बर्फीले पहाड़ों के बीच में बनी हैं। वीडियो में ड्रोन शूट था। गणेश जी का रूप तो ऐसा था कि मैंने उसी समय उस लोकेशन  बारे में सर्च किया और बाद में उसे अपने बकेट लिस्ट में डाल दिया। मैंने गणेश जी का पंचमुखी रूप देखा था उसमें।मुझे यह पता चल गया था कि यह जगह नेपाल में स्थित हैं। अब अभी इसी मार्च में मेरा दूसरी बार नेपाल जाना हुआ। पहली बार मैं एवेरेस्ट बेस केम्प करने गया था 2022 में ,जिसपर फिर  "सागरमाथा की ओर " पुस्तक भी लिखी थी।


नेपाल में एक प्रसिद्ध हिल स्टेशन हैं जिसका नाम हैं पोखरा। पोखरा हिमालय की गोद में बसा एक खूबसूरत शहर है जहाँ नदियां ,ग्लेशियर ,झील ,गुफाएं ,मंदिर ,एडवेंचर्स सब कुछ हैं एक ट्यूरिस्ट के लिए।पोखरा को एक तरह से नेपाल का मनाली मानता हूँ।पोखरा में दो मूर्तियां काफी प्रसिद्ध हैं एक तो शिव जी की और एक हैं यह पंचमुखी गणेश जी की। दोनों पहाड़ियों के एकदम ऊपर बनी हैं ताकि निचे घाटी में दूर से नजर आ जाए और ऊपर मूर्ति के पास से पूरी घाटी पर्यटकों को नजर आ जाए। दोनों मूर्तियां अलग-अलग पहाड़ियों और अलग-अलग एरिया में बनी हैं। पर आज हम बात करते हैं केवल पंचमुखी गणेश जी की मूर्ति पर।


यह मूर्ति जो आप निचे फोटो में भी देख रहे हैं यह बनी हैं सारंगकोट में। पोखरा में सारंगकोट की पहाड़ी पर लोग जाते हैं सूर्योदय देखने ,अन्नपूर्णा रेंज देखने ,खुद को बादलों से ऊपर महसूस करने। हमने लेकसाइड से इसके लिए एक टैक्सी की ,जिसको कुछ अन्य लोकेशंस पर भी ले जाना तय किया। लेकसाइड से आसानी से खूब  टैक्सी मिलती हैं पोखरा में घूमने के लिए। आप pathao app से भी टैक्सी बुक  कर सकते हैं वहां। लेकसाइड से यह गणेश मूर्ति पहुंचने में करीब 20-25 मिनट लगता हैं। घूमावदार पहाड़ी सड़क ,पहाड़ी मकान ,आम के पेड़ ,पत्ता गोभी के खेत देखते देखते और सड़क के दूसरी तरफ़ चल रही खाई से पोखरा घाटी का नजारा देखते देखते हम पहुंच गए उस जगह से जहाँ से हमे करीब 100 सीढियाँ चढ़ कर गणेश जी की मूर्ति के पास पहुंचना था। आप लेकसाइड से केबल कार के द्वारा भी सारंगकोट पहुंच सकते हैं। इसमें भी थोड़ा सा पैदल तो चलना ही होगा। #traveltalesbyrishabh


जब हम गणेश जी तक पहुंचे तब तक मौसम अचानक बदल गया। हर तरफ बादल छा गए ,हलकी सी बारिश शुरू हो गयी और वातावरण एकदम प्यारा सा हो गया। इन गणेश जी के दर्शन करना ,मैंने ऐसे ही रैंडमली सोचा था कभी और उस दिन मेरी आँखों के एकदम सामने मैंने 60 फ़ीट ऊँची उस मूर्ति को देखा तो भरोसा ही नहीं हुआ कि कुछ महीने पहले ही तो मैंने यहाँ का सोचा था और इतना जल्दी आ ही गया। बादल छा जाने से मुझे ग्लेशियर्स कही नजर नहीं आये।  मूर्ति के साथ ही कुछ छोटे बड़े मंदिर भी बने हुए थे प्रांगण में, जिसमें एक शिवालय मुख्य था। सारंगकोट प्रसिद्ध हैं पैराग्लाइडिंग के लिए ,अगर आपने इंडिया के बीर बिलिंग में पैराग्लिडिंग नहीं की तो यहाँ करनी चाहिए। मूर्ति के निचे ही 108 पवित्र जलधाराएं भी बनी हुई थी। यहाँ पास में ही एक शानदार कैफे/रेस्टोरेंट  भी बना हैं। पहाड़ देखने के लिए शानदार सी लोकेशन पर कुर्सियां लगा रखी हैं।  यहाँ तक आने का कोई टिकट नहीं हैं। हाँ ,केबल कार से आ रहे हैं तो जरूर     टिकट लगेगा।


पर मेरे हिसाब से आपको यहाँ टैक्सी या स्कूटी लेकर आना चाहिए। क्योंकि एक तो यहाँ के रास्ते शानदार हैं ,दूसरा काफी अन्य चीजें  भी इसी यही से घूमना ज्यादा सही हैं।


आर्टिकल अच्छा लगे तो कमेंट में "जय श्री गणेश " लिखना और इसे शेयर करना ना भूले।


-ऋषभ भरावा 


Photo: March 2026




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